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अप्रैल, 2013 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

बताओ क्या जवाब दूँ

आँखें जो अब तक चुम्बक की तरह चिपकी थी ...हाथ जो फेविकोल के जोड़ की तरह जुड़े थे ...कान जो बाहरी शोरगुल को फ़िल्टर करके बस उसकी साँसों को सुन रहे थे ..अधर जिसपे अभी भी उसके लिपस्टिक की खुसबू थी ....मन में प्रेम, गुलाबी आँचल ओढ़े नाच रहा था .... अचानक उसके चंद शब्दों ने वज्रपात सा कर दिया मनःस्थिति पर .. " कल मेरे बेटे ने तुम्हारे बारे में पूछा था की ये अंकल कौन लगते हैं आपके , मम्मी.." ".........बताओ क्या जवाब दूँ उसको......?????"

देखने में कैसा लगता है इ टेररिस्ट लोग

"अबे चल इंट्रो दे ..." "सर माइसेल्फ .... , ऍम फ्रॉम कश्मीर ..." "अबे कश्मीरी है बे ...अबे फिर तो टेररिस्ट को देखा होगा ...अबे बेंचो बता न बे देखने में कैसा लगता है इ टेररिस्ट लोग ...""....." अबे बोलता क्यूँ नही है बे ..... कुछ देर चुप रहने के बाद उसने पर्स से एक तस्वीर निकाली ... "सर चचा हैं हमारे ...अभी जेल में हैं ..सरकार के नजर में टेररिस्ट हैं.. लेकिन लगते बिलकुल मेरी तरह ही हैं ..."