"अरे सुनो, इस कूड़े के डब्बे में से साफ़ सुथरा टाइप का कूड़ा निकाल के इधर रखो... हाँ ठीक है अब इसे उठा लो और इधर फैला दो... अरे पुन्नू देख तो मीडिया वाला सब आ गया न... झाड़ू थोड़ा ट्रेडिशनल लाओ भाई... ओके लाइट, कैमरा एक्शन। " नेता जी ने खुद उठाया झाड़ू ... जैसा की आप देख सकते हैं ....ब्ला ब्ला ब्ला !! "
लघुकथा अपने आप में एक सम्पूर्ण कथा होती है। इसे गागर में सागर कहें या फिर "देखन में छोटन लगे - घाव करे गंभीर " कहा जा सकता है।