चिंट ने मारा चींटी को और गंगा जी में डाल दिया।गंगा का रंग काला हो गया।कौवा ने देखा, तो पानी पीना छोड़ के उड़ गया।जंगल के बाकी जानवर भी आये पानी पीने के लिए लेकिन सब ने देखा की पानी का रंग तो अचानक काला हो गया है, तो उन्होंने ने भी पीना छोड़ दिया।अब ये खबर जंगल में आग की तरह फ़ैल गयी की अचानक नदी का पानी काला कैसे हो गया। खबर जंगल में शेर के मांद से लेकर चूहे के चाय की दूकान तक फ़ैल गयी। अब वो चिंट जो ये मानकर चल रहा था की हमेशा की तरह मामला दब जाएगा, ये सोचकर मरा जा रहा है मेरे ही समय पर इस गंगा के पानी को भी काला होना था। क्रमशः .......
लघुकथा अपने आप में एक सम्पूर्ण कथा होती है। इसे गागर में सागर कहें या फिर "देखन में छोटन लगे - घाव करे गंभीर " कहा जा सकता है।