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अक्टूबर, 2016 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

रमुआ की दिवाली

"ऐ ताई रुक जा उधर अभी झाड़ू मत लगा " कचड़ा बीनना छोड़ रमुआ लपका उधर। "का करेगा तू ?" "अरे देखने दे ताई, बहुत से पटाखे होंगे इसमें जो जले नहीं होंगे। अपनी दिवाली तो आज ही मानेगी इन पटाखों से। "

अरमान

वो रोज मेरा गरदन दबाने आता था । भीड़ भाड़ में मेरे सर पे लटका रहता । पर अकेले में जब भी मैं होता वो मेरा गरदन दबाने लगता । कई दफा मैंने उससे पीछा छूड़ाने की कोशिश की । लेकिन हर बार मैं हार जाता । दरअसल उसकी आदत हो चुकी थी मुझे । मैंने खुद उसे सर पे बिठा रख्खा था । एक दिन मुझे लगा आज मुझे वो मार ही डालेगा । दर्द असह्य था और जीना मुश्किल । आखिरकार हिम्मत करके मैंने उसका गला दबा दिया । अब मेरा अरमान मर चुका था । वो अरमान जिसने मेरा जीना मुश्किल कर रख्खा था । अब मैं जी सकता था । लेकिन हुआ उल्टा । अरमान के मरते ही मैं भी मर चुका था । अब शरीर बचा था, मैं काफी हल्का महसूस कर रहा था लेकिन जान नहीं थी । # योगी_की_डायरी_से

इस बार रावण सीता जलायेगी

रामलीला कमेटी में इस बार बड़ी हलचल थी। राम बने व्यक्ति ने अजीबोगरीब स्थिति उत्पन्न कर दी थी। उनका कहना था की इस बार रावण, सीता जलायेगी। सब हैरान थे। "देखिये रावण का नाश तो वास्तव में सीता ने ही किया था। तीर भले ही रामचंद्र के थे लेकिन तीर की वजह और तीर में शक्ति तो सीता मैय्या की ही थी। " "देखो भैया रामायण के साथ छेड़ छाड़ ना करो, जो होता आया है वही होगा। " - बुजुर्ग कमेटी मेंबर ने कहा। "नहीं काका चीजें बदल रही हैं, औरतों को समाज में उनका हिस्सा मिल रहा है। अब तो जरूरत है कि जो हमारे पौराणिक देवियाँ हैं उन्हें भी उनका हक़ मिल सके। " कुछ देर वाद विवाद चलता रहा। अंत में सब ने रामचंद्र का निर्णय स्वीकार कर लिया। त्रेता के राम का कुछ अंश इस कलयुगी राम में भी आ गया था जो अपने छूटे कार्य को पूर्ण कर रहा था।