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मई, 2018 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

ओस की बूंदें

सुखिया आज सो नहीं पा रहा था। खेत मे फसल पड़ी थी और आसमान में बेमौसम मेघ ने डेरा जमा लिया था। दिन भर की मेहनत से शरीर थक के चूर हो गया था। पलकों पर नींद का बोझ उठाये अँधेरे में बार बार आसमान की ओर देख रहा था। मानो एक फ़रियाद कर रहा हो मेघ से। लेकिन तभी बिजली कड़की जोर से। और लगा मानो आसमान के साथ साथ किसानों का भी सीना फट गया हो। उसे लगा कि बाहर का अँधेरा बिलकुल उसके जीवन के अँधेरे की तरह है। फिर जाने कब आँख लग गयी। नींद में सुखिया ने एक भयानक सपना देखा। वो फसल को काट रहा है औ र लेकिन हर पौधे से खून टपक रहा है। गाढ़ा लाल खून। उसने जल्दी जल्दी और फसल को काटना शुरू किया। चारो तरफ खून ही खून। एक सैलाब सा मानो। सुखिया उस खून के दल दल में डूबने लगा। अचानक उसकी आँख खुली। वो पसीने से लथपथ था। बाहर देखा तो सुबह हो चुकी थी। आसमान साफ़ था। भागा खेत की तरफ। दूर से नजर आया गेंहू के पौधे पर ओस की बूंदें चमक रही थी। सुखिया ने ऊपर देखा आसमान की तरफ। मानो शुक्रिया कह रहा हो।

Smoking Kills wali Laghukatha

लड़के ने जेब टटोली । माइल्ड्स की डब्बी खाली थी । उसे याद आया बीड़ी का एक बंडल पड़ा है पुराने जिंस की जेब में । भाग के बीड़ी ले आया । लड़की अभी भी बालकनी में खड़ी आसमान में तारों को निहार रही थी । लड़के ने बीड़ी सुलगा के धुँआ उसकी तरफ छोड़ा । लड़की सिगरेट नहीं पीती थी लेकिन उसके वोडका का नशा पेसिव स्मोकिंग से बढ़ सा गया । लड़की ने लड़के को पकड़ के चूम लिया । हाथ का बीड़ी बुझ गया था । आगे की कहानी में आग थी लेकिन तम्बाकू का धुँआ नहीं था । लड़का अब लड़की के साथ नहीं है । लड़का घुम्रपान छोड़ चुका है लेकिन लड़की के नाक में जब भी सिगरेट का धुँआ आता है उस कमबख्त की याद आ ही जाती है !!!! # SmokingKillswaliLaghukatha