बस के अगले सीट पर बैठी बच्ची अपने पापा को बाहर घूम रहे सूअरों को दिखाने की कोशिश कर रही थी। "पापा वो देखो पिग..." " पर पापा ये तो गंदे हैं। बुक्स में तो पिग बड़े क्यूट होते हैं " पापा चुप ही रहे, लेकिन साथ में बैठी मम्मी ने समझाते हुए कहा : " बेटे वो अमेरिकन पिग्स होते हैं। और ये इंडियन पिग है। " " मम्मा, अमेरिकन अच्छे होते हैं... है ना ? " बच्ची ने तपाक से कंक्लूजन निकाल लिया। मैं अवाक् रह गया.... मम्मी का ज्ञान सुनकर या शायद बच्ची का कंक्लूजन सुनकर।
लघुकथा अपने आप में एक सम्पूर्ण कथा होती है। इसे गागर में सागर कहें या फिर "देखन में छोटन लगे - घाव करे गंभीर " कहा जा सकता है।