"सिगरेट पी के किस मत किया करो। कितनी बार बताया है, इसकी बदबू मैं बर्दाश्त नहीं कर सकती।" "अच्छा जी और वोडका की बदबू नहीं आती किस करते हुए।" झुंझला के लड़के ने कहा "मैंने कह दिया न तो बस।" लड़की ने झुंझला के मानो फैसला सुना दिया हो। "अच्छा ओके बाबा।" लड़का ने मुस्कुरा के स्थिति सँभालने की कोशिश की। लड़की ने मन ही मन कहा - " भूल गयी हूँ उसे फिर भी साला जब किसी और की सांस से सिगरेट की स्मेल सीधे नाक में घुसती है तो याद आ ही जाता है कमबख्त। कुत्ता, साला।" और जल्दी से अगला पेग बनाने लगी।
लघुकथा अपने आप में एक सम्पूर्ण कथा होती है। इसे गागर में सागर कहें या फिर "देखन में छोटन लगे - घाव करे गंभीर " कहा जा सकता है।