वो जीत रहा था लेकिन उसके अंदर का एक हिस्सा खामोश था । वो हारा तब भी उसके अंदर का वो हिस्सा खामोश था । जीत में वो उस हिस्से को इग्नोर मार गया । पर जब वो हार रहा था तो उस हिस्से की खामोशी पर झुंझला उठा । अंदर के उस हिस्से ने कहा- " धैर्य रख ! तू फिर जीतेगा और मुझे फिर इग्नोर मारेगा ।" इंसान ने गौर से देखा अंदर के उसी हिस्से में राम, अल्लाह और ईसा नजर आया
लघुकथा अपने आप में एक सम्पूर्ण कथा होती है। इसे गागर में सागर कहें या फिर "देखन में छोटन लगे - घाव करे गंभीर " कहा जा सकता है।