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मार्च, 2015 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

लव बर्ड्स इन मेट्रो

"पास  नहीं  बैठोगे ?" "पर ये तो लेडीज सीट है " "बैठो ना...कोइ आएगा तो दुपट्टा से सर ढक दूंगी...यू नो ना एवरीथींग इज फेयर इन लव एंड...." # Love birds in Metro

गहरे पानी पैठ

सतह पर तैर कर बहुत वाहवाही लूटा उसने । रोज कूदता पानी में, खूब कलाकारी दिखाता तैरते हुए। लोग तालीयाँ बजाते, उसको सितारे की तरह पूजते । शुरू में तो वो बड़ा खुश हुआ, पर धीरे धीरे उब गया था। फिर वो पानी की सतह से नीचे उतरने लगा। उपर का शोर कम होने लगा था । वो और गहरे में उतरने लगा । अंधेरे में बढ़ते हुए अचानक चकाचौंध रौशनी दिखी उसे । अजीब से आनंद मे डूबा रहा घंटों तक । अब तो वो रोज आने लगा था उस रौशनी तक । कुछ दिन बाद उसे सतह पर कोइ और कलाबाजी दिखाते दिखा । लोग फिर तालियाँ बजा रहे थे । उसने महसूस किया लोग उसे भूला चुके थे । मुस्कुराते हुए वो फिर गहराइयों में उतरने लगा था ।

रवीश की लप्रेक है

"लेटेस्ट है कुछ??" "रवीश की लप्रेक है" "नहीं मै हिन्दी नहीं पढ़ती...चेतन भगत की हाफ गर्ल फ्रैंड है ..या दुर्जाय दत्ता का कोई ....।" "मैडम , डेन ब्राउन का लेटेस्ट नावल है..." "नहीं भैय्या रहने दो ...अच्छा सरिता या ग्रह शोभा है ???" #   रेल लघु कथा