सतह पर तैर कर बहुत वाहवाही लूटा उसने । रोज कूदता पानी में, खूब कलाकारी दिखाता तैरते हुए।
लोग तालीयाँ बजाते, उसको सितारे की तरह पूजते । शुरू में तो वो बड़ा खुश हुआ, पर धीरे धीरे उब गया था। फिर वो पानी की सतह से नीचे उतरने लगा। उपर का शोर कम होने लगा था । वो और गहरे में उतरने लगा । अंधेरे में बढ़ते हुए अचानक चकाचौंध रौशनी दिखी उसे । अजीब से आनंद मे डूबा रहा घंटों तक । अब तो वो रोज आने लगा था उस रौशनी तक ।
कुछ दिन बाद उसे सतह पर कोइ और कलाबाजी दिखाते दिखा । लोग फिर तालियाँ बजा रहे थे । उसने महसूस किया लोग उसे भूला चुके थे । मुस्कुराते हुए वो फिर गहराइयों में उतरने लगा था ।
लोग तालीयाँ बजाते, उसको सितारे की तरह पूजते । शुरू में तो वो बड़ा खुश हुआ, पर धीरे धीरे उब गया था। फिर वो पानी की सतह से नीचे उतरने लगा। उपर का शोर कम होने लगा था । वो और गहरे में उतरने लगा । अंधेरे में बढ़ते हुए अचानक चकाचौंध रौशनी दिखी उसे । अजीब से आनंद मे डूबा रहा घंटों तक । अब तो वो रोज आने लगा था उस रौशनी तक ।
कुछ दिन बाद उसे सतह पर कोइ और कलाबाजी दिखाते दिखा । लोग फिर तालियाँ बजा रहे थे । उसने महसूस किया लोग उसे भूला चुके थे । मुस्कुराते हुए वो फिर गहराइयों में उतरने लगा था ।