"ये आखिरी पैग है हम दोनों का साथ साथ। अब तो मिलना भी शायद मुश्किल ही होगा।" "सुनो केवल जूस ही डालो पैग में। आइंदा अब मैं गुआवा जूस के साथ वोडका नहीं लूँगी।" "हाहा..अच्छा और अगर पति ने कहा तो भी नहीं ??" "तो भी नहीं । गुआवा जूस तो वोडका से तभी मिलेगा जब हम तुम मिलेंगे ।"
लघुकथा अपने आप में एक सम्पूर्ण कथा होती है। इसे गागर में सागर कहें या फिर "देखन में छोटन लगे - घाव करे गंभीर " कहा जा सकता है।