रामलीला कमेटी में इस बार बड़ी हलचल थी। राम बने व्यक्ति ने अजीबोगरीब स्थिति उत्पन्न कर दी थी। उनका कहना था की इस बार रावण, सीता जलायेगी। सब हैरान थे।
"देखिये रावण का नाश तो वास्तव में सीता ने ही किया था। तीर भले ही रामचंद्र के थे लेकिन तीर की वजह और तीर में शक्ति तो सीता मैय्या की ही थी। "
"देखो भैया रामायण के साथ छेड़ छाड़ ना करो, जो होता आया है वही होगा। " - बुजुर्ग कमेटी मेंबर ने कहा।
"नहीं काका चीजें बदल रही हैं, औरतों को समाज में उनका हिस्सा मिल रहा है। अब तो जरूरत है कि जो हमारे पौराणिक देवियाँ हैं उन्हें भी उनका हक़ मिल सके। "
कुछ देर वाद विवाद चलता रहा। अंत में सब ने रामचंद्र का निर्णय स्वीकार कर लिया। त्रेता के राम का कुछ अंश इस कलयुगी राम में भी आ गया था जो अपने छूटे कार्य को पूर्ण कर रहा था।
"देखिये रावण का नाश तो वास्तव में सीता ने ही किया था। तीर भले ही रामचंद्र के थे लेकिन तीर की वजह और तीर में शक्ति तो सीता मैय्या की ही थी। "
"देखो भैया रामायण के साथ छेड़ छाड़ ना करो, जो होता आया है वही होगा। " - बुजुर्ग कमेटी मेंबर ने कहा।
"नहीं काका चीजें बदल रही हैं, औरतों को समाज में उनका हिस्सा मिल रहा है। अब तो जरूरत है कि जो हमारे पौराणिक देवियाँ हैं उन्हें भी उनका हक़ मिल सके। "
कुछ देर वाद विवाद चलता रहा। अंत में सब ने रामचंद्र का निर्णय स्वीकार कर लिया। त्रेता के राम का कुछ अंश इस कलयुगी राम में भी आ गया था जो अपने छूटे कार्य को पूर्ण कर रहा था।
