टूटते हुए ख्वाब ने नवजात ख्वाब से जाते जाते कहा " भाई इस इंसान का भरोसा नहीं करना...जब मैं भी जन्मा था ...मुझे सजाया संवारा ...सोते जागते मेरे बारे में ही सोचा करता ...पर आज जब मैं मरने के कगार पर हूँ, ये इंसान मुझे कोई तवज्जो ही नहीं दे रहा है ...चुपचाप नए ख्वाब बुनने में तल्लीन है...."
नया वाला जो अब तक चहक रहा था ..अचानक ही गुमसुम सा हो गया.....
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