"...लेकिन मम्मी मैं चार साल उसी के साथ हॉस्टल के एक ही रूम में रहा हूँ और एक ही थाली में खाया भी है ...और आप ये बात जानती हैं फिर अगर आज जब वो अपने घर आया है तो आप कह रही हैं की वो सबके साथ बैठ के नही खायेगा क्यूंकि वो मुस्लिम है ...!!!
"देखो बेटा वो अच्छा लड़का है तुम्हारा अच्छा दोस्त भी है लेकिन तुम अपना धर्म भ्रष्ट कर लिए इसका ये मतलब नही हम भी अपना धर्म भूल जाएँ ...आखिर पंडित हैं हमलोग।
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