"अरे मॉम, आज घर नही आउंगी..दोस्तों के साथ नाईट आउट का प्लान है..."
"पर बेटा वो ..."
"अरे मम्मा डोंट वर्री बच्ची थोड़े ना हूँ ... अच्छा रखती हूँ ..बाय ..."
वैय्जंती सोच में पर गयी ...जिस तरह से उसकी बेटी ने बच्ची थोड़े न हूँ कहा था ..वो अतीत में खो गयी ..वो भी तो प्रदीप से मिलने काली मंदिर के पास जाती थी अपनी माँ से यही कह के..
"अरे माँ ..आप चिंता न कीजिये ...हम सिलाई सिखने ही तो जा रहे हैं...बच्ची थोड़े न हैं हम ..."
"पर बेटा वो ..."
"अरे मम्मा डोंट वर्री बच्ची थोड़े ना हूँ ... अच्छा रखती हूँ ..बाय ..."
वैय्जंती सोच में पर गयी ...जिस तरह से उसकी बेटी ने बच्ची थोड़े न हूँ कहा था ..वो अतीत में खो गयी ..वो भी तो प्रदीप से मिलने काली मंदिर के पास जाती थी अपनी माँ से यही कह के..
"अरे माँ ..आप चिंता न कीजिये ...हम सिलाई सिखने ही तो जा रहे हैं...बच्ची थोड़े न हैं हम ..."
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