"सुनो ! एक बात पूछूँ। ""पूछो "
"तुम्हें हमारी कौन सी बात सबसे ज्यादा याद है?"
"हम जब पहली बार मिले थे। कितने शर्मा रहे थे तुम। वैसे तुम्हे कौन सी बात याद है ?"
"अपनी आखिरी मुलाकात। मेरे हाथों से अपना हाथ खींच लिया था तुमने हौले से। जाते जाते भी तीन चार बार पलटी थी तुम। "
"हाँ ! और तुम अजीब से मुस्कुरा रहे थे। पहली बार वैसी मुस्कराहट दिखी थी तुम्हारे चेहरे पर। "
"ठीक वैसे ही ना जैसे आजकल मुस्कुराता हूँ ? "
"हाहाहा....।" हंस पड़ी वो।
" तुम्हारे गम को छुपाने के लिए ये तरकीब उस दिन से अब तक काम आती है मेरे। "
बोलना चाहता था पर बोल नहीं पाया ।