"देखो अगर कृष्ण को आराध्य मानती हो तो राधा की तरह प्रेम करो, रुक्मिणी तो बस रानी मात्र थी ...कृष्ण का प्रेम तो राधा के लिए ही था ... "
"लेकिन मैंने तो तुम्हे पुरुषोत्तम माना है....मुझे तो सीता बनना है ...सास-ससुर हो, दो पुत्र हो ... पति इतना प्रेम करे की मेरे लिए महाबली लंकेश से भी युद्ध कर ले..."
"लेकिन सीता तो विवाह से पहले राम से मिली भी नही थी....."
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"चलो कोई बात नही, कम से कम उस कृष्ण की तरह अपनी राधा को तो नही भूलोगे ना..."
"अरे नहीं बाबा ..अब फ़ोन रखो भी ...होने वाली बीबी का फ़ोन आ रहा है ...और तुम तो समझती ही हो ...."
"लेकिन मैंने तो तुम्हे पुरुषोत्तम माना है....मुझे तो सीता बनना है ...सास-ससुर हो, दो पुत्र हो ... पति इतना प्रेम करे की मेरे लिए महाबली लंकेश से भी युद्ध कर ले..."
"लेकिन सीता तो विवाह से पहले राम से मिली भी नही थी....."
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"चलो कोई बात नही, कम से कम उस कृष्ण की तरह अपनी राधा को तो नही भूलोगे ना..."
"अरे नहीं बाबा ..अब फ़ोन रखो भी ...होने वाली बीबी का फ़ोन आ रहा है ...और तुम तो समझती ही हो ...."
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