आज शाम से ही बड़ी सुगबुगाहट थी मन में । सालों बाद आज उससे मिलन होना था । लगभग एक दशक का अफेयर था उसके साथ । फिर हमारा ब्रेकअप हो गया था । घर वाले, समाज के लोग, इस्ट मित्र सभी कहते थे कि भाई ये तेरा जीवन बर्बाद कर देगी । छोड़ दे इसे । फिर शादी हो गयी मेरी और मैंने उससे बिल्कुल मुँह फेर लिया था । हाँ कभी कभी तन्हाई में उसकी याद जरूर आती थी । ठंढ की रात हो या कहीं सफर करते समय तो अक्सर उसकी याद आ जाती थी । पर मैं इमानदार था अपने बीबी के प्रति और नहीं चाहता था कि उसे कुछ पता चले और बुरा मान जाये ।
तो फाइनली आज जब बीबी मायके गयी हुयी थी और इस एकांत से घर में मेरे पास उसके अलावा कोई नहीं था ।
मैनें उसे होठों से लगा लिया । लगा जैसे पुराने दिन याद आ गये हों । माचिस निकाली और जला दिया उसे । आज सालों बाद मेरी कभी बेहद प्यारी रही सिगरेट मेरे हाथ में थी । फिर पहला कश लेते ही सब कुछ याद आने लगा। पहली बार जब सिगरेट पी थी तो कुछ एैसी ही मिचलाहट सी हुयी थी ।
दो कश लिया तो भावविभोर हो गया । काॅलेज के दिन, हास्टेल के दिन सब याद आने लगे । मैंने अजीब सा मुँह बनाके छल्ला बनाने की कोशिश भी की । अचानक मुझे लगा ये सब ठीक नहीं है । मैंने उसे बताया कि अब हमारे बीच कुछ नहीं है । फिर मैंने उसे फाइनल अलविदा कहा । मुड़ी-तुड़ी, आधी से अधिक बची सिगरेट को बड़ी बेदर्दी से मैंने कुचल दिया। डियर जिंदगी मुझे बुला रही थी । हलाँकि मैं जानता था ये भी एक दिन वेवफाई तो करेगी जरूर ।
तो फाइनली आज जब बीबी मायके गयी हुयी थी और इस एकांत से घर में मेरे पास उसके अलावा कोई नहीं था ।
मैनें उसे होठों से लगा लिया । लगा जैसे पुराने दिन याद आ गये हों । माचिस निकाली और जला दिया उसे । आज सालों बाद मेरी कभी बेहद प्यारी रही सिगरेट मेरे हाथ में थी । फिर पहला कश लेते ही सब कुछ याद आने लगा। पहली बार जब सिगरेट पी थी तो कुछ एैसी ही मिचलाहट सी हुयी थी ।
दो कश लिया तो भावविभोर हो गया । काॅलेज के दिन, हास्टेल के दिन सब याद आने लगे । मैंने अजीब सा मुँह बनाके छल्ला बनाने की कोशिश भी की । अचानक मुझे लगा ये सब ठीक नहीं है । मैंने उसे बताया कि अब हमारे बीच कुछ नहीं है । फिर मैंने उसे फाइनल अलविदा कहा । मुड़ी-तुड़ी, आधी से अधिक बची सिगरेट को बड़ी बेदर्दी से मैंने कुचल दिया। डियर जिंदगी मुझे बुला रही थी । हलाँकि मैं जानता था ये भी एक दिन वेवफाई तो करेगी जरूर ।
