सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

एकहि साधे सब सधे, सब साधे सब जाय।

विद्यालय से शिक्षा पूर्ण करने जा रहे छात्रों में से शिक्षक ने दो सर्वश्रेष्ठ छात्रों को एकांत में बुलाया। 
" तुम दोनों विज्ञानं , गणित, कला सब कुछ में अव्वल आते रहे हो। भविष्य में तुम किस विषय के साथ आगे बढ़ना चाहोगे। "
पहले ने कहा " गुरु जी , मैं हर क्षेत्र में सफल होना चाहता हूँ। "
दूसरे ने कहा " गुरु जी मैं विज्ञान अथवा कला में से एक को साधना चाहता हूँ। "
गुरु जी ने दो पर्ची बनायीं और दोनों को थमा दिया। 
दुसरे की पर्ची में लिखा था " यशस्वी भवः। सफलता तुम्हारे कदम चूमेगी "
पहले की पर्ची में लिखा था " एकहि साधे सब सधे... सब साधे सब जाय। "