"तुम बना रही हो और हम बन रहे हैं " झुंझला के वो बोला ।"हाहाहा । आखिर हैं ही इतने स्मार्ट हम " अदा से वो बोली ।
"हुँह्ह । इसमें तुम्हारा स्मार्टनेस नहीं है...हमारा मन है बस.." अकड़ के वो बोला ।
"वो भला क्यूँ ?" मुस्कुराकर आँखों में आँखें डाल वो बोली ।
" क्यूँकी कमबख्त
मेरा मन भी अब मेरा नहीं रहा ।"
चेहरे का नकली बेबसी का भाव हौले हौले प्यार के गहरे भाव में बदल रहा था ।